विद्यार्थियों के अधिगम प्रक्रिया में तकनीकी के योगदान में शैक्षिक संस्थान की भूमिका का अध्ययन

विद्यार्थियों के अधिगम प्रक्रिया में तकनीकी के योगदान में शैक्षिक संस्थान की भूमिका का अध्ययन

Main Article Content

शिखा कौशिक1, डॉ. एकता पांडे2

Abstract

वास्तविक   रूप   में   शिक्षा   एक   ऐसी   प्रक्रिया   है   जिसकी   सहायता   से   बालक   की   जन्मजात   शक्तियों   या   योग्यताओं   का   स्वाभाविक   विकास   इस   प्रकार   होता   है   कि   उनके   द्वारान   केवल   उसकी   वैयक्तिकता   का   ही   विकास   हो ,  अपितु   वह   अपना   व   समाज   का   कल्याण   करते   हुए   अपने   भौतिक ,  सामाजिक   तथा   आध्यात्मिक   वातावरण   के   साथ   समायोजन   स्थापित   कर   सके।   अतः   शिक्षा   व्यक्ति   का   सर्वांगीण   विकास   करती   हुई   उसे   सामाजिक   विकास   की   ओर   उन्मुख   करती   है।   व्यक्ति   का   सर्वांगीण   विकास   करना   ही   शिक्षा   का   प्रमुख   उद्देश्य   है।   शिक्षा   प्राप्ति   का   औपचारिक   अभिकरण   विद्यालय   है   और   विद्यालय   का   परिवेश   बालक   के   सर्वांगीण   विकास   में   प्रमुख   भूमिका   निभाता   है।   विद्यालयी   शिक्षा   बालक   की   उच्च   शैक्षिक   उपलब्धि   तथा   उसके   भविष्य   का   निर्धारण   करती   है ,  परन्तु   सभी   बालकों   की   शैक्षिक   निष्पति   उच्च   हो ,  यह   असम्भव   है।

Article Details